सुबह स्नान कर शरीर और मन को शुद्ध करें. अपने घर विशेषकर पूजा स्थान को साफ करें. वेदी पर भगवान काल भैरव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. उन्हें सफेद चंदन का तिलक लगाएं,

फल, फूल और मिठाई अर्पित करें. सरसों के तेल का दीपक जलाकर काल भैरव अष्टक का पाठ करें और भैरव मंत्रों का जाप करें.

Image Source: abp live



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